अनुसंधान शोध त्रैमासिक: जुलाई - सितम्बर २०१५

12 जुल॰ 2015, 11:04 am द्वारा वाङ्मय बुक्स, अलीगढ़ प्रेषित   [ 12 जुल॰ 2015, 11:10 am अपडेट किया गया ]
अनुक्रम
  • बलराम - समकालीन कवयित्रियों का स्त्री-विमर्श / 6
  • मंजू बाला - सांस्कृतिक परिवेश के संदर्भ मंे श्री नरेश मेहता का साहित्य / 11
  • सतीश कुमार - तमस और साम्प्रदायिकता की समस्या / 15
  • नीलम रानी - पाण्डेय बेचन शर्मा ‘उग्र’ के उपन्यासों में चित्रित समस्याएँ / 19
  • संजीव कुमार विश्वकर्मा - भक्तिकालीन सामाजिक आन्दोलन और कबीर का गतिशील नेतृत्व / 22
  • मीनाक्षी - इक्कीसवीं सदी के प्रथम दशक के हिन्दी उपन्यासों में सामाजिक मूल्यों का विघटन / 26
  • राहुल शर्मा - समकालीन कविता और चन्द्रकान्त देवताले का काव्य ;खुद पर निगरानी का वक्त के विशेष संदर्भ मेंद्ध / 30
  • ज्योति - विवेकीराय के ललित निबंधों में लोक संस्कृति का चित्रण / 33
  • आरती - लोक मान्यता और श्रीनरेश मेहता का साहित्य / 37
  • ख्याति सोनी - लोकजीवन के प्रखर गायक अष्टछाप के कवि सूरदास / 41
  • डाॅ. व्ही. आई. शेख - नई सदी की कविता: स्त्री विमर्श / 45
  • डाॅ. मीनू अवस्थी - हिन्दी भाषा शिक्षण में मल्टीमीडिया की भूमिका / 47
  • जय प्रकाश पाण्डेय - स्कंदगुप्त में राष्ट्रीय विमर्श के प्रश्न / 49
  • डाॅ. सीमा रायकवार - बुन्देली लोक संगीत / 52
  • दीपमाला कोरी - महिला उपन्यास लेखन में स्त्री विमर्श की झलक / 54
  • गणेश शर्मा - दलित मुक्ति-चेतना और अम्बेडकर / 57
  • डाॅ. पूजा - नासिरा शर्मा के उपन्यास साहित्य का परिचय / 60
  • रिंकल उपाध्याय - भोजपुरी के लोकनाटकों मंे व्याप्त सांस्कृतिक चेतना / 64
  • गौतम कुमार भारती - अक्षर अनन्य के साधना का उद्देश्य / 66
  • सुमन रानी - नरेन्द्र मोहन का काव्य: नारी संवेदना / 68
  • लक्ष्मी शर्मा - कविवर उदयभानु हंस का काव्य: मानवतावादी दृष्टिकोण / 72
  • सौरभ कुमार - नागार्जुन की लोक चेतना / 76
  • श्रुति सुधा आर्या - अभिमन्यु अनत के काव्य मंे मानव मूल्य / 79 
  • मोनिका हंस - श्री हित ध्रुवदास के काव्य में प्रेम का स्वरूप / 83
  • डाॅ. मंजू बाला - जन-संवेदना से सराबोर हिन्दी नवगीत / 88
  • लवलीन कौर - हिन्दी के श्रेष्ठ निबन्धकार: कुबेरनाथ राय: एक परिचय / 92
  • डाॅ. शालिगराम अहिरवार - सामाजिक चेतना: श्रीरामकृष्ण परमहंस के परिप्रेक्ष्य में / 95
  • डाॅ. कामिनी साहिर- प्रवास के दर्द का प्रामाणिक दस्तावेज - बसरा की गलियाँ / 98
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वाङ्मय बुक्स, अलीगढ़,
12 जुल॰ 2015, 11:08 am
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