अनुसंधान शोध त्रैमासिक: जनवरी-मार्च २०१४

19 मार्च 2014, 1:36 am द्वारा वाङ्मय बुक्स, अलीगढ़ प्रेषित   [ 19 मार्च 2014, 1:40 am अपडेट किया गया ]
अनुक्रमanusandhan shodh traimasik hindi patrika, aligarh
  • सम्पादकीय
  • विज्ञापनों में हिन्दी का स्वरुप - डॉ. नग़मा जावेद मालिक
  • कालीदास के साहित्य में त्याग और तपोवन - डॉ. हितेश चौरे
  • काली दीवार: एक अध्ययन - राजेश यादव
  • कुबेरनाथ राय के निबंधों की शैली - मारकन्डे पाठक
  • विवेक राय के काव्य में यथार्थ के स्वर - डॉ. दीपक कुमार
  • समकालीन हिन्दी कथा साहित्य में साम्प्रदायिक मनोवृत्ति - डॉ. हरिनाथ
  • कहर, कसक और कश्मीर - डॉ. ज़ाहिदा जबीन
  • आचार्य नंददुलारे वाजपेयी का शिक्षा-संबंधी विवेचन - मनोज कुमार सिल
  • उत्तर-आधुनिकतावाद: साहित्यिक सन्दर्भ में - सौरभ कुमार
  • समकालीन महिला-नाटककारों के नाटकों में में युग-चेतना - डॉ. दयाल प्यारी सिंहा
  • अकविता के सन्दर्भ में जगदीश चतुर्वेदी का काव्य - दलबीर सिंह
  • नारी मानवाधिकार: सुशीला टाकभौरे की आत्मकथा - वंदना शर्मा
  • झोपड़ पट्टी: जीवन का यथार्थ - बबीता भण्डारी
  • मंजुल भगत की कहानियों में कामकाजी नारी की संवेदना - डॉ. शेख़ शहनाज़ अहमद
  • वैश्वीकरण के सन्दर्भ में हिन्दी: दशा और दिशा - अखिलेश कुमार
  • आदिवासी कविताओं में प्रतिरोध का स्वर - डॉ. एन. टी. गामीत
  • जीवन मूल्यों के क्षरण की दास्तान: रेगिस्तान - डॉ. रेशमा बेगम
  • इस्लाम की रोशनी में स्त्री विमर्श: ख़ुदा की वापसी - डॉ. इक़रार अहमद
  • बौद्ध धर्म का आध्यत्मिक पक्ष और हिन्दी लेखन - डॉ. श्री प्रकाश यादव
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वाङ्मय बुक्स, अलीगढ़,
19 मार्च 2014, 1:38 am
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